Alankar Kise Kahate Hain, Alankar ki Paribhasha, Alankar ke Bhed

Alankar Kise Kahate Hain : Alankar in Hindi : आज हम आपको अलंकार का संपूर्ण ज्ञान देने वाले है ,जैसे अलंकार किसे कहते है, अलंकार कितने प्रकार के होते है, उदाहरण के साथ बताने वाले है , अलंकार की परिभाषा और उसके भेद।

Alankar Kise Kahate Hain : Alankar Ki Paribhasha (अलंकार की परिभाषा)

अलंकार का अर्थ होता है आभूषण या गहना , काव्य की शोभा बढ़ाने वाला।

Alankar Ke Bhed ( अलंकार कितने प्रकार के होते है )

अलंकार के तीन भेद होते है , शब्दा अलंकार, अर्थालंकार, और उभयालंकर ।

  • शब्दा अलंकार
  • अर्थालंकार
  • उभयालंकर

शब्दालंकार की परिभाषा और उसके भेद

जो शब्दो के आधार पर काव्य में सुन्दरता बढ़ाने का काम करे वो शब्दालंकार होते है जैसे नाम नाम से नाम हुआ।

शब्दालंकार अलंकार के भेद

  • यमक (Yamak Alankar)
  • श्लेष (Shlesh Alankar)
  • अनुप्रास (Anupras Alankar)

Yamak Alankar Ki Paribhasha (यमक अलंकार की परिभाषा)

एक शब्द की दो या दो से अधिक बार की आवर्ती , यमक अलंकार कहलाती है। एक शब्द का दो या दो से अधिक बार आना, परन्तु दो जगह इसका अर्थ अलग होगा वो यमक अलंकार कहलाता है जैसे की ‘राम नाम का जाप करो राम’ इसमे पहले राम मैं भगवान श्री राम का अर्थ है दूसरे राम में किसी राम नाम के मनुष्य का नाम लिया गया है।

Yamak Alankar Ke Udaharan (यमक अलंकार के उदहारण)

  • रस रस में रस घुला।
  • नाम नाम से नाम हुआ।
  • बंधन बंधन से बंध गया।
  • रंग रंग में रंग गया।
  • ध्वनि ध्वनि में ध्वनि मिली।
  • गीत गीत से गीत बना।
  • कनक कनक ते सो गुणी मा दक्त आदिकाय।

Shlesh Alankar Ki Paribhasha (श्लेष अलंकार की परिभाषा)

एक शब्द से अधिक अर्थों का बोध हो उसे श्लेश अलंकार कहते हैं जैसे ‘जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोय’ दीप का अर्थ दीपक या संतान भी होता है।

Shlesh Alankar Ke Udaharan (श्लेष अलंकार के उदहारण)

  • शब्द शब्द में शक्ति होती है।
  • कल आया कल चला गया।
  • दीपक दीपक को जला रहा था।
  • लोमड़ी की चाल में चालाकी है।
  • रंग रंग में रंग भरा है।
  • रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून पानी गए न ऊबरे मोती मानस चून।
  • नाम नाम में फर्क होता है।

Anupras Alankar Ki Paribhasha (अनुप्रास अलंकार की परिभाषा)

बार बार एक ही वर्ण से शुरू हो अनुप्राश अलंकार कहलता है जैसे मधुर मर्दु मंजल मुख

Anupras Alankar Ke Udaharan (अनुप्रास अलंकार के उदहारण)

  • चंचल चपल चितवन चुराई।
  • कल कल करता कावेरी का जल।
  • धीरे धीरे धूप ढली।
  • बबलू बबल में बबल बन गया।
  • नाचे नटवर नागर नंदन।
  • गिरा गगन से गंगा जल।
  • सजग सैनिक सीमा पर संधान करें।
  • फूलों की फुलवारी फगुनाहट में फूली।
  • मधुर मुस्कान मोहक मन में रम गई।
  • तारों की टिमटिमाती टोह में तारा टूटा।
  • करुण क्रंदन करते कवि।
  • गिरा गगन से गंगा जल।

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Alankar kise kahate hain?

काव्य की शोभा बढ़ाने वाले शब्दों को हम अलंकार कहते हैं। अलंकार का अर्थ होता है गहना या आभूषण।

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